सम्राट कनिष्क जाट बादशाह। राजस्थान

गुर्जर महासभा अपना ध्यान इधर लगावे और जाट गुर्जर भाईचारे में की आड़ में जो जाट इतिहास के और जाट राजाओं के सेध लगाई जा रही है उसे बचे और हम आपसे खुली बहस के लिए तैयार हैं.

 संक्षिप्त परिचय- सम्राट कनिष्क का जन्म पेशावर पाकिस्तान में हुआ और मृत्यु 144 ad में हुई दूसरी शताब्दी में कनिश्क़ कुशान कास्वान  जाट वंश भारत में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

parents -विमा कद्फिसेस

successor -हुविश्का
predecessor -विमा कद्फिसेस
religion -महायान  Buddhist

race -जाट.

clan -कास्वान.

रामस्वरूप जून के कथन के अनुसार दूसरी शताब्दी का महान नायक भारत में सम्राट कनिष्क कास्वान जाट हुए इनके सेनापति का नाम हागा था जिनके आगे आज जाटों में हगा चौधरियों के नाम पर लगभग डेढ़ सौ गांव हैं जिनमें से 80 गांव तो अकेले मथुरा जिले में है.  उनके पूर्वज मिहिर अर्थार्थ सूर्य को मानने की वजह से सूर्यवंशी भी कहलाते थे. इन्होंने बाद में बौद्ध धर्म मान लिया और इनके टाइम पर ही महायान और हीनयान नाम के दो बौद्ध संप्रदाय बन गए अर्थात बौद्ध धर्म के दो हिस्से हुए थे. इनको पूरी दुनिया युची यायुची या yuti लिखती है और भारत में इन चाइनीस श…

बी एस एफ के जवान की कुर्बानी

सोनीपत के थाना कलां गाँव के बीएसएफ के जवान नरेंद्र कुमार शहीद हो गए हैं। कल सुबह बॉर्डर पर वह और उनकी टीम गश्त कर रही थी, उसी समय पाकिस्तानी सैनिकों ने गोलाबारी की और पाकिस्तानी सेना की बैट टीम ने घात लगाकर हमला कर दिया, हमले में नरेंद्र कुमार घायल हो गए, बीएसएफ की तरफ से जवाबी कारवाई करने के बाद पाकिस्तानी सैनिक भाग निकले लेकिन वो घायल सैनिक नरेंद्र सिंह को अपने साथ बॉर्डर के उस पार ले गए। वहां नरेंद्र कुमार को टॉर्चर किया गया और उनकी दोनों आंखें निकाल ली गयी, गला काट दिया गया और तीन गोली मारी गयी। उसके बाद उनके शव को बॉर्डर के पास पाकिस्तानियों ने फेंक दिया। रात को एक रिस्क भरे अभियान में बीएसएफ के जवानों ने इनके पार्थिव शरीर को ढूंढा और वापस पोस्ट पर ले कर आये।
पाकिस्तान द्वारा की गई इस कायरतापूर्ण घटना का मुंहतोड़ जवाब दिए जाने की जरूरत है।
शहीद जवान को श्रद्धांजलि और उनके परिवार को ईश्वर हिम्मत दे🙏🇮🇳🇮🇳

Comments

Popular posts from this blog

पोस्ट छोटी सी हे पर समाज के लिए सही हे।

युवा दिलों की धड़कन व ताकत हनुमान जी बेनीवाल का बड़ा फैसला ।

27,सितम्बर 2018.पुंदलौता का इतिहास गौरव यात्रा